आज कश्मीर यही कह रहा है कि हमारा मतलब केवल अमन से है, विकास से है. लेकिन एक साल पहले स्पेशल स्टेटस खत्म हो जाने के बाद से ये सोच पाकिस्तान अभी तक पचा नहीं पाया है. उसी सोच को हमारा जवाब है ज़ी न्यूज की ये रिपोर्टिंग. कश्मीर की आवाज हर किसी तक पहुंचनी बेहद जरूरी है, क्योंकि बहुत से लोग आप तक ये आवाज पहुंचने नहीं देना चाहते.
source https://zeenews.india.com/hindi/india/look-at-the-scarring-marks-of-the-wounds-of-kashmiris-given-to-the-sympathizers-of-pakistan/721595
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